Wednesday, 6 March 2019

व्यर्थ ना जाने दो | Hindi


व्यर्थ ना जाने दो

- सौ. भक्ति सौरभ खानवलकर

     


       पुलवामा हमले में शहीद हुए हमारे वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि स्वरुप यह कुछ पंक्तियां एक सैनिक की ज़ुबानी -

हर वक्त, हर दिन मैं जीता हूं कई उम्मीदों से,
यदि आज हो कोई जंग
तो जीत लूं मैं उसे अपनी बाजूओं से।
नहीं डरता मैं दुश्मन के किसी भी वार से,
कभी ना थकूंगा
कर दूंगा खात्मा दुश्मन का अपनी तलवार से।
हम कहते हैं क्या, सुनो
इन वीर सपूतों के बहते रक्त को तुम,
व्यर्थ जाने दो....

मैं तो खड़ा देश की सीमा पर, सोचता हूं किस लिए??
मेरे देश के लोग आपस में लड़ मरें, क्या इसलिए??
तुम चैन की नींद सो सको इसलिए करता हूं अपना जीवन कुर्बान,
खुशी से मना सको सारे तीज त्यौहार इसलिए 
दे देता हूं अपना बलिदान।
हम कहते हैं क्या सुनो 
इन शूरवीरों के बलिदान को तुम,
व्यर्थ जाने दो....

क्यों करते हो जात-पात पर झगड़ा और भ्रष्टाचार,
है बिनती रहो मिल जुलकर और समाज में दिखाओ शिष्टाचार।
मातृभूमि की मिट्टी का तिलक अपने माथे पर लगाकर करता हूं मैं गर्व,
ताकि तुम सब भाईचारे से मिलकर बना सको भारतवर्ष को स्वर्ग।
हम कहते हैं क्या सुनो 
इन मातृभक्त के सपनों को तुम,
व्यर्थ जाने दो....

राजगद्दी पर बैठा वह कर रहा है इस देश की चौकीदारी ,
अब तो तुम्हारी कोई खैर नहीं है अरे सुन लो आतंकवादी।
यदि एक घटना से जाट, मराठा, राजपूत सब मिलकर बन जाते हैं हिंदुस्तानी,
तो इस नए भारत के निर्माण के लिए हर कोई तैयार है देने अपनी कुर्बानी।
हम कहते हैं क्या सुनो,
इन शहीदों की कुर्बानी को तुम
व्यर्थ जाने दो.......

हे मातृभूमि! तेरी रक्षा करते-करते यदि मैं शहीद भी हो जाऊं,
रहेगी मन में बस यही इच्छा हर जन्म मैं सिर्फ तेरे ही काम आऊं।
कह देना राह तकती उन निगाहों से
इस मिट्टी में कहीं खो गया है तुम्हारा नंदन।
इन देशभक्तों की पुकार सुनने के लिए सभी भारतवासियों का अभिनंदन।
हम कहते हैं क्या सुनो,
इन मातृभूमि के रक्षकों की पुकार को तुम
व्यर्थ जाने दो.....

जय हिंद ..... 
वंदे मातरम् .....